संभाग के छह जिलों में खाद्यान्न आवंटन के बाद डिस्पैच और वास्तविक वितरण के आंकड़ों में गंभीर अंतर सामने आया है। जहां 40 से 60 फीसदी तक खाद्यान्न का डिस्पैच दर्ज हुआ, वहीं उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचते-पहुंचते यह औसतन 20 से 36 फीसदी रह गया।
सतना और मैहर जिलों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली चरमराई। सरकारी रिपोर्ट में 823 में से 623 राशन दुकानों के बंद होने से हजारों जरूरतमंद परिवार संकट में।














